Plasma therapy क्या है? Covid-19 में इसके फायदे और नुकसान

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Plasma therapy क्या है? इसका क्या उपयोग हैं? इसका क्या लाभ है?

इस समय पूरा विश्व और अपने देश भारत में भी COVID-19 के ईलाज के लिए Plasma therapy को एक उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। Covid-19 बीमारी Corona virus से हुआ है। इस Therapy में उस मरीज का plasma लिया जाता है जो Covid-19 से ग्रसित होने के बाद ठीक हो गया है। इस थेरेपी से Covid-19 को ठीक करने में मदद मिलती है।

बीते वर्षों में इस Therapy का इस्तेमाल करके कुछ बीमारियों को ठीक किया गया है।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि Covid-19 वायरस वुहान शहर (चीन) से निकल कर आज पूरे विश्व में फैल गया है।

विश्व के अधिकतम वैज्ञानिक इसके Antidote का खोज करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। वैज्ञानिक और शोधकर्ता इसके ईलाज के लिए बहुत से रास्ते निकाल रहे हैं जो इस वायरस से लड़ कर इसे ख़त्म कर देगा।

जिसमे ईलाज के लिए एक Therapy पर केन्द्रित किया जा रहा है, वो है Plasma therapy ।

चीन और अमेरिका के बाद अपना देश भी इस Therapy से संबंधित बहुत सारे क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है। इस थेरेपी से एक आशा की किरण दिखाई दे रही है।

Plasma therapy क्या है?-

Plasma Therapy

इस Therapy का उद्देश्य ठीक हुए मरीज के खून से Antibodies को लेकर Covid-19 से बीमार हुए मरीजों पर इस्तेमाल करके उनको ठीक करना है। इस Therapy का इस्तेमाल उन लोगों पर भी किया जा सकता है जिनको वायरस से संक्रमित होने के अवसर ज्यादा है जैसे- Health worker e.g.- Doctors, nurses, pharmacist आदि, किसी परिवार में Covid-19 का मरीज होना।

इसका Concept बहुत ही आसान है, इसमें ठीक हुए मरीज के खून से Antibodies लेकर उस मरीज को देते हैं जिनको Covid 19 से संक्रमण हुआ है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे केवल बीमारी को रोका जा सकता है। यह कोरोना का ईलाज नहीं है।

Plasma therapy कैसे काम करता है?-

इस Therapy में, उस व्यक्ति के Plasma को लिया जाता है जो पहले कोरॉना वायरस से संक्रमित था और ठीक हो चुका है, उसके शरीर में कॉरोना वायरस के प्रति Antibodies विकसित हो चुकी है।

इस Antibodies को दूसरे मरीज के शरीर में देने से पहले इसकी जांच करते हैं कि उस मरीज को किसी प्रकार की बीमारी जैसे- HIV, Hepatitis B, Hepatitis C आदि नहीं है न। कोई बीमारी नहीं होने पर इसके Antibodies को दूसरे मरीज को दे सकते हैं।

इस Therapy में, ब्लड को लेकर उसमें से विशेष प्रक्रिया द्वारा Plasma को निकाला जाता है। ब्लड के तरल भाग से Antibodies को निकलते हैं। इन Antibodies में Plasma भरपूर मात्रा में होते हैं। इनको निकालने के बाद इसे Covid-19 से ग्रसित मरीज को देते हैं।

John Hopkins university के Immunologist Sir Arturo casadevall कहते हैं कि यह थेरेपी बहुत ही आसान है। इनके अनुसार, कोई भी मरीज किसी भी सुक्ष्म जीव से बीमार पड़ता है तो ठीक होने के बाद उस सुक्ष्म जीव के प्रति उसके शरीर में Antibodies विकसित कर जाती है। इसके बाद यदि किसी व्यक्ति को इसी प्रकार के सूक्ष्म जीव से संक्रमण होता है तो उसके Antibodies को लेकर संक्रमित व्यक्ति को देने पर उसके Blood और Tissue में पहुंच कर सुरक्षा प्रदान करता है।

Stamina कैसे बढ़ाएं?

Plasma therapy से होने वाले कुछ नुकसान (Risk involved)-

इस Therapy के सफ़लता के साथ साथ कुछ जोख़िम भी होता है।

1. Blood substance का Transfer- Plasma therapy में Blood का ट्रांसफर होता है जिससे Blood में मौजूद सब कुछ ट्रांसफर हो जाता है। जिसके कारण अनचाहे संक्रमण भी Blood के साथ चला जाता है। जिसके कारण और दूसरे बीमारी होने के अवसर बढ जाता है।

2. संक्रमण में वृद्धि ( Enhancement of Infection)-

Plasma therapy से कुछ मरीजों में फेल होने पर दूसरे संक्रमण होने के अवसर बढ जाते हैं।

3. प्रतिरक्षा तंत्र प्रभावित होना (Effect on immune system)-

यदि आप किसी Covid-19 से संक्रमित मरीज को यह Therapy देते हैं तो उसके शरीर में मौजूद प्राकृतिक प्रतिरक्षा तंत्र प्रभावित होता है। यदि इस संक्रमण से ठीक हो जाता है तो उसे भविष्य में भी दुबारा संक्रमण होने पर फिर से इस थेरेपी का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

Plasma therapy नयी Therapy नहीं है- 

1- सन 2014 में- WHO (World Health Organizations) द्वारा 2014 में हुए Ebola virus बीमारी में, इस therapy का इस्तेमाल किया गया था। सफल भी रहा था।

2- MERS ( Middle East Respiratory Syndrome)-

जो व्यक्ति MERS (Middle East Respiratory Syndrome) से संक्रमिक थे जो एक प्रकार का कारोना वायरस ही था। 2015 में, इस बीमारी में इस Therapy का इस्तेमाल हुआ था।

3- सन 1918 में-

 सन 1918 में, H 1N 1 influenza virus (Spanish flu) में इस Plasma therapy का प्रयोग (Experiment) किया गया था।

4- 2009 में-

 सन 2009 में H 1N 1 संक्रमण में इसका इस्तेमाल किया गया था।

और भी बहुत अधिक बीमारियों में इस्तेमाल किया जा चुका है, जैसे- SARS outbreak, measles, HIV, polio, और Mups आदि।

# 2002 में SARS संक्रमण के दौरान, बहुत अधिक अध्ययन करने के बाद इस Plasma therapy को देने से बहुत जल्दी बीमारी से Recovery हो गया।

# 2009 में H 1N 1 संक्रमण में इस Plasma therapy को इस्तेमाल करने से, Respiratory tract में होने वाली परेशानी को कम किया और मरने के जोख़िम को भी कम किया। इस Therapy को देने से मरीज केवल 21 दिन में ही ठीक हो गये।

93 ICU मरीजों के ऊपर अध्ययन करने के बाद उनमें से 20 मरीजों को Plasma therapy को दिया गया। अध्ययन के अनुसार, इन 20 मरीजों में मरने की संख्या बहुत कम थी। जिन मरीजों को नहीं दिया गया था उनकी संख्या ज्यादा थी।

# सन 2014 में, जब Ebola virus से पूर्वी अफ्रीका में संक्रमण फैल रहा था। तब WHO (World Health Organizations) द्वारा Plasma therapy को महत्व देते हुए, संक्रमण का ईलाज करने के लिए इस्तेमाल किया। Guinea में एक अध्ययन के अनुसार- 84 मरीजों पर इस्तेमाल करने के बाद इस Therapy से अच्छा लाभ मिला।

Plasma therapy और Covid-19-

इस Therapy के क्षमता को पहले से ही चीन में Covid-19 के लिए अन्वेषण (Explore) किया जा चुका है।

पहले ट्रायल में, Covid-19 से संक्रमित 10 मरीजों पर किया गया। इस ट्रायल के दौरान सभी मरीजों में कुछ पहले से अच्छा सुधार देखा गया।

किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं देखा गया। अध्ययन में यह पाया गया कि इस Therapy द्वारा किया गया इलाज़ काफ़ी अच्छा और सुरक्षित है। जो वायरस ब्लड में मौजूद होते हैं उनको उदासीन कर देता है।

Shenzhen के शोधकर्ता दूसरे ट्रायल में, चीन Covid 19 से संक्रमित गंभीर मरीजों का ईलाज किया गया और उनके क्लीनिकल दशा में सुधार पाया गया।

Plasma therapy से आशा की किरण- 

इस Therapy द्वारा एक आशा की किरण दिखाई दी है। कुछ शोधकर्ता कहते हैं कि यह Therapy एक प्रभावशाली ईलाज होगा। लेकिन यह सोचना जल्दीबाजी  होगी। क्यों कि Covid 19 में ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया गया यह Therapy अभी बहुत कम है।

Mayo clinic’s research magazine के अनुसार,- दुनिया के तमाम शोधकर्ताओं ने इस Therapy से सम्बन्धित कुछ प्वाइंट को उठाया है।-

  • इस Therapy में, Covid 19 से ग्रसित मरीज को कितना Antibodies चाहिए होगा?
  • मरीज के संक्रमण के दौरान कौन से प्वाइंट पर ईलाज शुरू करना चाहिए?
  • इस Therapy द्वारा किस प्रकार के मरीजों को लाभ मिलेगा।

इसीलिए अभी कुछ चीजों का अध्ययन करना बाकी है। जब तक सारी चीजें बेहतर तरीके से न हो अभी इस तरह का ईलाज करना संदेह में हो सकता है।

कुछ शोधकर्ता Anti viral दवाइयों पर शोध किया गया जो इस Therapy के जितना ही प्रभाव दिखा रहा था।

इसलिए यह कैसे कह सकते हैं कि यह Therapy  एक आशा की किरण है। हम लोगो को इस पर विचार करना चाहिए कि इस Therapy से ईलाज करने से पहले एक बार फिर से अध्ययन और शोध करने की जरूरत है।

Frequently Asked questions (FAQ)- 

1- यदि किसी Covid 19 से ग्रसित मरीज को प्लाज्मा थेरेपी की जरूरत है तो वह इसे कहा से प्राप्त करेगा?

जवाब- यद्यपि यह हर जगह उपलब्ध नहीं मिलेगा। अपको इसे उसी अस्पताल से लेना पड़ेगा जहा ब्लड सेंटर होता है।

2- यदि कोई व्यक्ति पहले कोरोना पॉजिटिव था अब ठीक हो गया है तो क्या यह व्यक्ति अपनी Blood Plasma दान कर सकता है?

जवाब- हां, यह व्यक्ति अपनी Blood Plasma दान कर सकता है। लेकिन कुछ कंडीशन है,

• यह व्यक्ति पुरी तरह से ठीक हो गया हो।

• इस व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई दूसरी बिमारी न हो।

3- आप अपनी Blood Plasma को कहा दान कर सकते हैं?

जवाब- आप अपनी नजदीकी अस्पताल में जाएं वहां पता करें कि Blood Plasma को कहा डोनेट किया जाता है। आपके इस कार्य से दूसरे की जिंदगी बच सकती है।

Refernce- Medlife.com, urmc.rochester.edu

Note- यह एक Informational blog है। 


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