Cornflour क्या है? इसके खाने के फायदे।

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Cornflour एक बहुत ही पौष्टिक खाद्य सामग्री है। यह corn (मक्के) को पीसकर बनाया जाता है। इसमें बहुत अधिक मिनिरल्स, विटामिन्स, फाइबर antioxidant आदि मिलते हैं। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। दोस्तों, इसके बारे में जानने से पहले थोड़ा सा corn (मक्के) के बारे में जान लेते हैं।

Corn (मक्का) को देसी भाषा में मकई कहते हैं। यह दुनिया का सबसे प्रसिद्ध अनाज है। यह सबसे पहले अमेरिका में पाया गया था। वर्तमान समय में, Corn (मक्का) दुनिया के सभी जगहों पर उगाया जाता है।

Corn (मक्का) दूसरे अनाजों के जैसे ही फायदेमंद होता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में फाइबर, मिनिरल्स, विटामिन्स और antioxidant मिलते हैं।

Corn (मक्का) मुख्य रूप से पीले रंग का होता है। लेकिन इसके और भी रंग पाए जाते हैं। जैसे- लाल, ऑरेंज, बैगनी, नीला, सफेद, और काला आदि।

Cornflour क्या होता है?

Cornflour

इसको मक्के (corn) से निकाला जाता है। यह बहुत ही बारीक सफेद रंग का पाउडर जैसे होता है। इसको मक्के के दाने के सफेद भाग को पीसकर तैयार किया जाता है, इसीलिए इसे corn starch भी कहा जाता है।

Cornflour और maize flour में अंतर (Difference between corn flour and maize flour)-

हम सभी जानते हैं कि कॉर्नफ्लोर मक्के से बनता है। Maizeflour को भी मक्के से बनाते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि ये दोनों अलग हैं। क्यों कि इन दोनों का रंग अलग अलग होता है। कॉर्नफ्लोर सफेद रंग का और maizeflour पीले रंग का होता है। ये दोनों अलग अलग भले ही दिखते हैं लेकिन दोनों को मक्के से ही बनाया जाता है।  आइए जानते हैं किस कारण ये दोनों के अलग-अलग गुण होते हैं-

कॉर्नफ्लोर को मक्के के दाने के ऊपर के छिलके को निकाल कर उसके बाद पीसकर तैयार किया जाता है। जिसके कारण मक्के का पीला हिस्सा निकल जाता है और केवल सफेद रंग का हिस्सा बचाता है। जो पीसने के बाद सफेद रंग का होता है। यह बहुत ही पतला और मुलायम होता है।

इसके विपरित Maizeflour को मक्के के दाने को सुखाकर पिसते है। जिससे कारण इसका रंग पीला होता है। Maizeflour हमेशा कॉर्नफ्लोर की तुलना में मोटा और भुरभुरा होता है। इससे हमेशा मोटी रोटी ही बन पाती है।

Nutrients of cornflour (कॉर्नफ्लोर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व)-

आप सभी लोग इसका उपयोग खाने में किए होंगे या करते होंगे। लेकिन आपको शायद ही पता होगा इसमें कितने तरह के विटामिन्स, मिनरल्स पाए जाते हैं। यदि आप इसके Nutrients के बारे में जानेंगे तो अपने होश उड़ जायेंगे। आइए जानते है इसमें कौन कौन से पौष्टिक तत्व मिलते हैं-

• Vitamin A

• Vitamin B

• Vitamin C

• Carbohydrates (कार्बोहाइड्रेट)

• फाइबर

• Thiamine (Vitamin B1)

• Niacin

• Riboflavin

• Vitamin B9

• Calcium (कैल्शियम)

• आयरन

• Magnesium (मैग्नीशियम)

• Potassium (पोटेसियम)

• Phosphorus (फास्फोरस)

• Zinc (ज़िंक)

• Protein (प्रोटीन)

• Vitamin E

• Antioxidant

• Calories (कैलोरी)

• Fat

Benefits of cornflour (कॉर्नफ्लोर के फायदे)-

इसके सेवन से हमारे शरीर को बहुत लाभ मिलता है। सभी पोषक तत्व मिलकर शरीर को बहुत ही स्ट्रॉन्ग बनाते हैं। आइए इसके कुछ फ़ायदे के बारे में जानते हैं-

1- आंतो को स्वस्थ रखने में (healthy gut)-

हम सभी जानते हैं, आंत हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमारे शरीर से गंदगी को मल के रूप में बाहर निकालता है। यदि इसमें कोई दिक्कत होती है तो मल के रूप में गंदगी इसी में इकठ्ठा होने लगती है जिसके कारण कब्ज, अपच, बवासीर, भूख का न लगना आदि होने लगती है।

कॉर्नफ्लोर में अघुलनशील फाइबर मिलते हैं जो आंतो के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं। इसके उपयोग से हमारे आंतो की अच्छे से सफाई हो जाती है।

2- वजन बढ़ाने में मदद (Help in weight gain)-

यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक पतला है तो उसके शरीर में कई प्रकार के विटामिन्स, मिनिरल्स और भी अनेक प्रकार के पौष्टिक तत्वों की कमी पाई जाती है। जिसके कारण हमारा शरीर बहुत अधिक कमजोर भी होता है। कोई भी बीमारी आसानी से हो जाती है। इसीलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उचित पोषक तत्वों का मिलना बहुत जरूरी है।

कॉर्नफ्लोर में उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी पाई जाती है। जिसके सेवन से बड़ी आसानी से वजन बढ़ जाती है। इसीलिए इसको दुबले पतले लोग सेवन जरूर करें।

3- सूजन को कम करने में (Reduce inflammation)-

यदि शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है तो हमारे लिए चिंता की बात होती है। यह किसी न किसी बीमारी का संकेत भी होता है। सूजन के बहुत कारण होते हैं, जैसे- कई प्रकार के दवाइयों के सेवन से, बहुत अधिक खट्टा चीज खाने से, चोट लगने पर आदि। इसको खत्म करना बहुत जरूरी होता है।

कॉर्नफ्लोर में Polyphenols Anti oxidants  होते हैं। जो सूजन को कम करने में मदद करता है।

4- Free Radicals को कम करने में (Reduce free radicals)-

हमारा शरीर करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बना है। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कोशिकाओं का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से Free Radicals मौजूद रहते हैं। कुछ हमारे द्वारा खाए गए भोजन के उपरांत आते हैं। ये सभी हमारे शरीर के लिए बहुत ही घातक होते हैं। Free radicals हमारे शरीर में ऑक्सिडेशन प्रक्रिया को बढ़ा देते हैं। जिससे हमारे शरीर की कोशिकाए नष्ट होने लगती है। जिससे हमें कई तरह की बीमारियां होने लगती है।

इसमें Anti oxidant तत्व की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से हमारे शरीर में Oxidation process कम हो जाता है। Free radicals को खत्म करने में मदद मिलती है। जिसके कारण हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

5- एनेमिया (खून की कमी) को ठीक करने में- 

एनेमिया से ग्रसित लोगो का शरीर बहुत ही कमजोर और बीमार रहता है। उनको आसानी से कोई भी बीमारी हो जाती है।

यद्यपि हमारे शरीर को प्रतिदिन मिनरल्स और विटामिन्स की जरूरत पड़ती है। इनकी कमी से हमें कई तरह की बीमारी हो जाती है। आयरन भी एक मिनरल का रूप है। इसकी कमी से हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है जिससे हमारा शरीर एनेमिक हो जाता है।

इसके सेवन से आयरन की कमी नहीं होती है। इसमें Vitamin B12 (Methycobalmin), Vitamin B9 (Folic acid), Iron पाया जाता है। यह आयरन की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

6- त्वचा के बीमारी में (skin Disease)- 

इसमें Vitamin B9, Vitamin B12, Vitamin E , Vitamin A, Antioxidant आदि पाए जाते हैं। ये सभी मिलकर हमारे त्वचा को पोषण देते हैं। जिससे हमारा Skin स्वस्थ और सुंदर दिखता है।

7- हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में (Control hypertension)- 

हाइपरटेंशन का मतलब होता है कि जब हमारे शरीर में खून का दबाव बढ़ जाता है। यह एक गंभीर बीमारी होती है। बहुत अधिक होने पर आदमी की मौत भी हो जाती है। अतः इसको नियंत्रित करना बहुत जरूरी होता है।

इसके इस्तेमाल से Blood pressure नियंत्रित रहता है। इसमें omega 3fatty acids, anti oxidant, fibers होते हैं जो हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

8- आंख को स्वस्थ रखने में (healthy eyes)- 

कॉर्नफ्लोर में Vitamin A और Carotenoid पाए जाते हैं। जो आंख को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

9- Digestive system को स्वस्थ रखने में- 

इसमें फाइबर की उचित मात्रा पाई जाती है। जो हमारे पाचन तंत्र को सही रखती है।

Uses of cornflour (कॉर्नफ्लोर के उपयोग)-

कॉर्नफ्लोर को मुख्य रूप से रसोई घर में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है। इसको मेडिकल कामो में भी इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं इसका कहा और कैसे उपयोग होता है।

• आलू की टिक्की, केला की टिक्की, पोहा की टिक्की को कुरकुरा बनाने में इस्तेमाल करते हैं।

• गुलाब जामुन, रस मलाई, छेना आदि को स्वादिष्ट बनाने में उपयोग करते हैं।

• हलवा बनाने में इस्तेमाल करते हैं।

• सब्जी की ग्रेवी को गाढ़ा करने के इसका उपयोग करते हैं।

• कोफ्ते, बिंडिंग में इसका उपयोग करते हैं।

Side effects of cornflour (कॉर्नफ्लोर के नुकसान)-

सभी लोगों को पता है कि इसके सेवन से कितना लाभ मिलता है। लेकिन यदि बहुत अधिक सेवन करने से इसका हमारे शरीर के लिए नुक़सानदायक भी हो सकता है।

1- वजन का बढ़ना (increase weight)- 

हम सभी जानते हैं कि इसके सेवन से हमारे शरीर का वजन बढ़ता है। इसके अधिक सेवन से शरीर का वजन बहुत अधिक बढ़ सकता है। और जो लोग पहले से ही मोटे हैं उनको और अधिक मोटापा हो जाता है। अधिक मोटापा शरीर के लिए नुकसान दायक होता है।

2- सुगर की मात्रा का बढ़ना- 

इसमें Carbohydrates की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके सेवन से हमारे शरीर में Sugar की मात्रा बढ़ जाती है। अतः सुगर की बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

3- Catabolism (अपचय) की समस्या होना- 

इसके अधिक सेवन करने से अपचय की समस्या बढ़ जाती है।

4- कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का बढ़ना- 

इसके अधिक सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। यद्यपि इसको उचित मात्रा में सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है।

कॉर्नफ्लोर को कैसे रखें (Storage of cornflour)- 

•  इसको हमेशा ऐसे डब्बे में रखना चाहिए जिसमें कहीं से डब्बे में हवा न गुजरे। यदि कहीं से हवा आयेगी तो उस स्थिति में हवा में मौजूद नमी को कॉर्नफ्लोर अवशोषित कर लेगा। जिसके कारण यह खराब हो जाएगा।

• हमेशा ठंडे और सूखे जगह पर रखना चाहिए।

• अधिक गरम जगह पर न रखें।

• बच्चों से दूर रखना चाहिए।

• धूप में कभी न रखें।

Note- यह एक Informational blog है। यदि आपको किसी भी तरह का कोई सुझाव देना हो तो आप comment box में लिख सकते हैं।

 

 

 

 


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