Eye (आँख) को स्वस्थ कैसे रखें (How to keep healthy eye)

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Eye (आँख) हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं। यदि इसमें कोई भी छोटी सी भी दिक्कत आती है तो उस स्थिति हम बहुत परेशान हो जाते हैं। जरा सोचिए जिनको अपने आँखों (Eyes) से दिखाई नही देता वो अपने जीवन को कैसे जीते होंगे। दोस्तों, यह एक बहुत ही  संवेदनशील अंग है।

Healthy Eye

Good vision helps you perform well-

अच्छी दृश्यता हमारे कार्य के प्रदर्शन को अच्छा बनाता है। चाहे घर पर हो या किसी काम पर । इसीलिए आँख की दृश्यता को ठीक रखने के लिए कुछ कदम उठाने पड़ते हैं। नियमित आँख की जाँच करवाना इस को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है। और कुछ सावधानियां भी बरतनी पड़ती हैं।

Eye (आंख) को होने वाली कुछ बीमारियां-

बहुत सारी आंखों (Eyes) में तुरंत लक्षण नही दिखते हैं। आंखों में कोई दर्द नही होता है। दृश्यता (Vision) में भी किसी प्रकार की दिक्कत नही आती है। लेकिन फिर भी बीमारी Advanced हो जाती है।

सबसे अच्छा रास्ता यह है कि हमेशा अपने आंख की देखभाल करें। नियमित रूप से इसकी की जांच करते रहे। यदि इनके बीच आपके दृश्यता में कोई भी दिक्कत दिखती है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

कुछ Eye (आंख) की बीमारियों निम्नलिखित हैं-

1- दृष्टि दोष- 

इस बीमारी में दूर की वस्तुएं दिखाई नहीं देती हैं। किसी भी वस्तु को देखने के लिए व्यक्ति उस वस्तु के पास आकर देखता है। ऐसे लोग सामान्य लोगों की तुलना में सुस्त, और दूसरे एक्टिवि जैसे खेल कूद आदि से दूर रहते हैं।

दृष्टि दोष दो प्रकार के होते हैं-

a)- निकट दृष्टि दोष (Myopia)-

निकट दृष्टि दोष
निकट दृष्टि दोष

इस प्रकार के दोष में निकट की वस्तु अच्छे से दिखाई देती है। लेकिन दूर की वस्तु अच्छे से दिखाई नहीं देती है। आंख  की पुतली बढ़ने के कारण वस्तु की प्रतिबिंब रेटीना बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है। जिसके कारण दूर की वस्तु धुधली और निकट की वस्तु साफ दिखाई देती है।

b)- दूर दृष्टि दोष (Hyperopia)-

इस प्रकार के दोष में दूर की वस्तु अच्छे से दिखाई देती है। लेकिन नजदीक की वस्तु साफ दिखाई नहीं देती है। इस दोष में आंख की पुतली छोटा होने के कारण वस्तु की प्रतिबिंब रेटीना पर बनाने के बजाय थोड़ा पीछे बनता है। जिसके कारण निकट की वस्तु धूधली और दूर की वस्तु साफ दिखाई देती है।

 

2- आंख का आना (आई फ्लू)- 

Flu Eye
Flu Eye

यह आंख की बहुत आम बीमारी है। इसमें आंखे लाल हो जाती हैं और खुजली होती है। इसके साथ कीचड़ का आना, आंख से पानी आना, दर्द करना, चुभन होना, और सूजन आना आदि होती है।

3- रतौधी –

रतौधि
रातौधी

सामान्यतः यह बीमारी विटामिन ए की कमी के कारण होती है। इस बीमारी में रात में दिखाई नहीं देता है।

यह मुख्य रूप से बच्चों में पाई जाती है। अच्छा खान पान न होने के कारण इस प्रकार की दिक्कत होती है।

4- मोतियाबिंद- 

मोतियाबिंद
मोतियाबिंद

यह बीमारी बढ़ते उम्र के साथ होती है। सबसे अधिक आंखों में बीमारी होने वाली यही है।

हमारे देश में 75% से 80% अंधापन इसी कारण होता है। वैसे यह बीमारी 50 साल के बाद होती है। लेकिन कुछ दिक्कत के वजह यह कम उम्र में भी हो जाती है।

जब किसी को मोतियाबिंद होती है तो शुरुआत में धुधला दिखाई देता है, धीरे धीरे देखने की क्षमता और कम हो जाती है और अंत में अंधापन आ जाता है।

5- ग्लूकोमा (Glucoma)- 

Glucoma
Glucoma

यह बीमारी आनुवंशिक तथा उम्र बढ़ने के साथ होती है। इसमें देखने के लिए आंखो पर दबाव डालना पड़ता है। जिसके कारण आंख की नसो को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है जिससे नसे सूखने लगती हैं।

यह बहुत ही भयानक स्थिति होती है। इससे होने वाले अंधापन का कोई इलाज़ नहीं है।

6- Eye (आंख) का सूखा रहना- 

इस स्थिति में अक्सर आंख  में खुजली, जलन, चुभन, लाल होना आदि होता है। अक्सर TV, mobile, Laptop आदि को देखने के बाद आंख बंद करने पर दर्द करता है।

7- डायबिटिक रेटिनोपथी- 

यह बीमारी डायबिटीज के कारण होती है। इसीलिए इसे डायबिटिक रेटिनोपथी कहते हैं। इस बीमारी में आंख के पर्दो में दिक्कत होने लगता है। जैसे- काले धब्बे आना, देखने में दिक्कत होना आदि।

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Eye (आंख) के ख़राब होने के लक्षण-

जब कभी भी आपके आंख में दिक्कत होती है तो शुरुआत में इसके कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, वे इस प्रकार है-

1- सिर का लगातार दर्द होना-

कुछ लोगों का सिर अक्सर दर्द करता रहता है। कुछ लोग इसे नजर अंदाज़ कर देते हैं। लेकिन यदि सिर का दर्द लगातार बना रहता है तो इसका संकेत आंख में दिक्कत होने की तरफ करता है।

जब आंखो पर तनाव बढ़ता है तो इससे आपके सिर में दर्द होने लगता है। इसलिए ऐसी स्थिति में आप अपने आंखों की जांच तुरंत कराए।

2- धुंधला दिखाई देना-

सामान्यतः बढ़ती उम्र के साथ

आंखो से धुंधला दिखाई देना आम बात है। लेकिन कभी कभी कम उम्र के लोगों में भी यह दिक्कत होने लगती है। इसका संकेत रेटीना में खराबी होने का करता है।

3- आंखो पर दबाव महसूस होना-

जब कभी भी देखने में लगातार दबाव महसूस हो तो यह मोतिया बिंद का कारण हो सकता है।

4- आंखों का दर्द करना-

यदि आपका आंख लगातार दर्द करें तो यह स्थिति इसकी  दिक्कत को दर्शाता है।

5- आंख से पानी का गिरना और खुजली होना- 

यदि आपके आंखों से अक्सर पानी गिरता हो या खुजली होता हो उस स्थिति में भी आप के आंखों में दिक्कत की संभावना बढ़ जाती है।

6- आंखो का लाल होना- 

आंख का लाल होना यह भी खराब होने का लक्षण है।

Eye (आंख) के ख़राब  होने के कारण-

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनसे आंखों में दिक्कत होने लगती है-

1- डायबिटीज-

आंखों को खराब करने में इसका बहुत बड़ा योगदान है। यदि कोई व्यक्ति कई सालों से डायबिटीज से पीड़ित है उस स्थिति में आंख जल्दी खराब होते हैं।

2- विटामिन ए की कमी- 

यदि आपके शरीर में विटामिन ए की कमी है तो उस स्थिति में आपके आंखों में दिक्कत होने लगेगी।

3- ब्लड प्रेशर का बढ़ा रहना-

यदि आप का ब्लड प्रेशर हर समय बढ़ा रहता है तो उस स्थिति में भी आपके आंखो को दिक्कत होने लगेगा।

4- मोतियाबिंद-

यदि किसी इंसान को मोतियाबिंद की शिकायत है तो जल्दी इलाज़ न होने के कारण उनको अंधापन हो जाएगा।

5- ग्लूकोमा-

ग्लूकोमा के कारण अंधापन आता है। इसीलिए समय रहते इसका जल्दी इलाज़ करना बहुत जरूरी होता है।आं

Eyes (आंखो) स्वस्थ कैसे रखें (How to keep healthy Eyes)-

कुछ तरीको से हम आंखों की स्वस्थ रख सकते हैं-

1- संतुलित आहार का सेवन करें-

जब भी भोजन करें संतुलित आहार लें। जिसमे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीडेंट, मिनिरल, विटामिन A और Vitamin C जैसे- leafy, हरी सब्ब्जियाँ, मछली, आदि।

बहुत सारे भोजन मुख्यतः fatty fish जैसे- Salmon जिसमें Essential omega3 fatty acid प्रचुर मात्रा में मिलता है जो Macula को स्वस्थ रखता है।

Macula आँख का एक भाग होता है जो Central vision के लिए जिम्मेदार होता है।

जब हम ऑक्सीडेंट का सेवन पर्याप्त मात्रा में नहीं करते हैं और शराब का सेवन या संतृप्त वसा (Saturated fat) का ज्यादा करते हैं उस स्थिति में Free radical क्रिया होने लगती है जो रेटिना के केंद्र में स्थित Macula को नुकसान पहुचती है।

बहुत अधिक वसा युक्त भोजन शरीर मे जमा हो कर Arteries में बहने वाले रक्त को अवरुद्ध करती है। आँख में भी जो छोटी छोटी बहुत पतली Arteries पायी जाती है उसमें भी वसा जमा हो जाती है। जो आँख के लिए बहुत नुकसानदेह होती है।

2- व्यायाम (Exercise)-

यदि आप रोजाना व्यायाम करते हैं तो आपके शरीर मे रक्त का संचार बहुत अच्छे से होता है। आपका शरीर हमेशा स्वस्थ रहता है। व्यायाम करने से शरीर मे ऑक्सीजन की सही रहती है। और विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

यही क्रिया हमारे आँख के साथ भी होती है। व्यायाम करने से हमारे आंखों को पर्याप्त मात्रा में रक्त और ऑक्सीजन मिल जाता है। विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। और हमारे आँख स्वस्थ रहते हैं।

3- अच्छी नींद लेना (Get a good night’s sleep)

आप जब भी अच्छी नींद लेते होंगे तो सुबह आपको तरोताज़ा महसूस होता होगा। जितना नीद आपको जरूरत है उतनी मिलने पर आप कुछ अलग ही महसूस करते हैं। आप अच्छे दिखेंगे, आपका Performance अच्छा हो जाता है चाहे वो आपका घर हो या आफिस ।

अच्छी नींद आपके आँखों के लिए भी अच्छा होता है। आपके आंखों को आराम मिलता है। और आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं।

4- हाथ को धोकर रखें (Wash your hand)-

आप जब भी अपने हाथ को आँख (Eye) के पास ले आये अपने हाथ को धोकर रखें। मुख्य रूप से जब आप Contact lens पहन रहे हो।

जब भी आपको अपने आंखों को छूना हो या contact lens लगाना हो, उससे पहले आप अपने हाथों को साबुन से धो लें और उसे सूखा ले। उसके बाद ही अपने आंखों को छुए।

यदि आप बिना साफ किये हाथ से आंखों को छूते हैं तो उससे आपके हाथों में छिपे बैक्टेरिया और दूसरे सुक्ष्म जीव आपके आंखों में संक्रमण पैदा करेंगे। जैसे- Conjunctivitis (Pink eye=गुलाबी आंखे) ।

कुछ लोग अक्सर अपनी आंखों को रगड़ते रहते हैं। ऐसा कभी नही करना चाहिए ऐसा करने से आपके हाथों के वायरस आपके आंखों में संक्रमण पैदा करते हैं।

5- सिगरेट कभी न पीये (Do not smoke)-

सिगरेट कभी नही पीना चाहिए। इसको पीने से हमारे आंखों में ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative stress) का स्तर बढ़ने लगता है। इसका कितना जुड़ाव है अभी तक साफ नही हो पाया है। लेकिन इतना तो पक्का है कि सिगरेट पीने से Oxidative stress का स्तर बढ़ता है।

सिगरेट स्वस्थ से संबंधित और भी बहुत सारी दिक्कते पैदा करती है। इसीलिए हम सभी को सिगरेट पीना छोड़ देना चाहिए।

6- धूप का चस्मा पहने (Wear sunglass)-

जब कभी भी धूप में निकले हमेशा धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें। धूप का चश्मा ऐसा होना चाहिए कि वो UV B और UV A दोनों किरणों से आंखों को बचाये। इसके साथ साथ एक टोपी भी जरूर लगाएं। यह भी UV किरणों से आंखों को बचाता है।

7- डिवाइस (Devices)-

सम्भवतः हम सभी लोग अपने घर या आफिस में कंप्यूटर या अन्य डिवाइसों का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी डिवाइसो में से बहुत अधिक ऊर्जा वाली Blue light निकलती है जो हमारे आंखों को बहुत नुकसान पहुचती है। इसे Blue light इसलिए कहते हैं क्यों कि इसकी Wave lenght प्रकाश के स्पेक्ट्रम में Blue के आस पास होती है।

Lutein और Zeaxanthin ये आँख (Eye) के Nutrients होते हैं जो Macula में होते हैं। ये Blue light को Filter करने में मदद करते हैं।

Lutein और Zeaxanthin कभी भी अपने शरीर द्वारा नही बनते हैं। इसीलिए इनको अपने डाइट और सप्लीमेंट के द्वारा लेते हैं।

Some tips to help when you are on computer-

1- अपने कंप्यूटर को हमेशा 20 इंच से 24 इंच की दूरी पर रखें।

2- हमेशा अपने कंप्यूटर स्क्रीन को अपने आंखों के Level से थोड़ा नीचे रखें।

3- हमेशा अपने कंप्यूटर के स्क्रीन के Brightness को कम से कम रखें।

4- अपने आंखों को लगातार झपकी (Blink) देते रहें।

5- प्रत्येक 20 मिनट के बाद Break लेते रहे।

6- कुछ Lubricating eye product के इस्तेमाल से आंखों को Dryness नही होता है।

Note- आपको यह एक Informational blog है। उम्मीद करता हूं आपको यह Blog पसंद आया होगा। 

 


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