Liver को स्वस्थ कैसे रखे? (How to keep healthy liver)

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Liver (लीवर) शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं। यह शरीर मे मौजूद सबसे बड़ा अंग है। यह हमारे पेट के ऊपरी हिस्से के दाहिने भाग में स्थित होता है।

Liver
 Liver

जिस तरह घर मे लगा वॉटर प्यूरीफायर दूषित पानी को साफ करके सारे गंदगी बाहर कर देता है उसी प्रकार हमारा लीवर भी शरीर मे मौजूद सारी गंदगी को फिल्टर करके हमारे खून को साफ और शरीर को स्वस्थ बनाने का काम करता है। इतना ही नही हमारे शरीर द्वारा किये गए बहुत अधिक कार्य हमारे लीवर पर ही निर्भर करते हैं।

चोट लगने पर जख्मों को भरना, शरीर के हार्मोनो का संतुलन बनाना, भोजन में मौजूद पोषक तत्वों को ग्रहण करना, शरीर के वजन को घटाना बढ़ाना या मांसपेशियों का निर्माण करना, Cholestrol और शुगर को बैलेंस बनाकर जरूरी विटामिन्स और मिनिरल्स को स्टोर करके रखना, दवाइयों, जहरीले पदार्थो और खराब भोजन के बुरे असर से हमारे शरीर को बचा के रखने, जैसे 400 से भी ज्यादा काम डायरेक्ट या इनडाइरेक्ट हमारे Liver (लीवर) से ही जुड़े रहते हैं। इसीलिए लीवर को शरीर का सबसे अच्छा मित्र माना जाता है।

खानपान में लापरवाही बरतना, शराब का अधिक सेवन से हमारे लीवर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। चुकी हमारे शरीर की कार्यप्रणाली पूरी तरह Liver (लीवर) पर ही निर्भर रहती है।

इसीलिए इसमें आयी छोटी सी छोटी खराबी भी कई गंभीर समस्याओं को जन्म देती है। ऐसे कोई भी चीज जो गंदगी या दूषित चीजो को साफ करता है वो भी समय के साथ साथ दूषित होते जाता है। कई बार लीवर में आयी समस्याओं का संकेत समझ ही नही पाते हैं।

जब भी हमारे शरीर मे छोटी छोटी खराबी होती है तो हमारा शरीर उसे अलग अलग तरीको से बताने की कोशिश करता है।

ऐसे कई लक्षण होते हैं जिनसे हम आसानी से पता लगा सकते हैं कि हमारा Liver (लीवर) सही ढंग से काम कर रहा है या नहीं।

Liver के खराब होने के कुछ लक्षण-

Liver
Liver के खराब होने के लक्षण

1- गैस, अपचन और पेट का खराब रहना-

Liver के कार्य करने की गति धीमी होने से हमारे शरीर का Metabolism भी धीमी पड़ जाता है, जिसके चलते खाना ठीक से पचाने में मुश्किल होने लगती है।

आपका पेट ठीक से साफ नही होता या आप पेट की समस्याओं से लगातार परेशान रहते हैं तो इसका संबंध आपके लीवर से भी होता है। इस स्थिति में पेट से जुड़ी दवाइयों को खाने से भी आपका पेट सही नही होता है क्योंकि इसका मुख्य कारण लीवर होता है। इसीलिए जिन लोगो को बार बार पेट से संबंधित समस्या रहती है तो उन्हें एक बार अपने लीवर की जांच जरूर करा लेना चाहिए।

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2- थकान और कमजोरी (Fatigue and weakness)-

जब हमारा liver खराब होना चालू होता है तो शुरुआती दिनों में हमे बहुत ज्यादा थकान होने लगता है। वैसे भी बहुत अधिक कामों और तनाव के चलते भी थकान होता है। लेकिन जब थकान रोज- रोज होने लगे और कमजोरी का भी अहसास हो तो इसका संबंध हमारे खराब लीवर से हो सकता है।

लीवर में Toxic पदार्थ अधिक होने के कारण उसके कार्य करने की क्षमता भी कम होने लगती है। जिससे शरीर मे मौजूद दूसरे अंगों को ज्यादा मेहनत करना पड़ता है। इस वजह से हमारा शरीर जल्दी थकने लगता है और हमे आराम की जरूरत महसूस होने लगती है।

यदि किसी व्यक्ति को जल्दी थकान या अधिक थकान होने की समस्या दो महीने से ज्यादा हो जाये तो उस व्यक्ति को अपने Liver की जाँच जरूर कराना चाहिए।

3- वजन का बढ़ना (Increase body weight)-

जब हमारे लीवर में विषैले पदार्थों की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है तो धीरे- धीरे लीवर पर लोड भी बढने लगता है। तनाव बढने से लीवर में मौजूद विषैले पदार्थ शरीर के Fat cells में जमा होने लगते हैं तो धीरे- धीरे चर्बी बढने लगती है।

खराब लीवर के वजह से शरीर का वजन और चर्बी बढ़ रही होती है तो ऐसे वजन को कम करना बहुत ही मुश्किल होता है। इसीलिए जिन लोगों को सब कुछ करने के बाद भी वजन नियंत्रित नही होता है उन्हें एक बार अपने लीवर की जाँच जरूर करानी चाहिए।

4- मुँह से बदबू आना (Bad breath)-

ऐसे बहुत सारी खायी जाने वाली चीजें या गलत आदतों होती हैं जिनके वजह से मुँह से बदबू आने लगती है। लेकिन कई स्थितियों में मुँह से आने वाली बदबू के पीछे खराब हो रहा Liver  भी एक वजह हो सकता है।

हमारा शरीर एक Interconnected की तरह काम करता है जहाँ हमारे सभी अंदुरिनी अंग एक दूसरे से जुड़े होते हैं। लीवर और पेट की खराबी दोनों साथ साथ चलते हैं यानी कि लीवर खराब होने की स्थिति में पेट खराब होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

पेट खराब होने से हमारे साँसों से बदबू आने लगती है। यह लीवर में किसी भी तरह के समस्या का सबसे आम और सबसे शुरुआती लक्षण होता है।

5- पैरों में सूजन (Leg and ankle swelling)-

जब तक हमें लीवर के खराब होने का पता नही चलता या इसे नजरअंदाज कर देते हैं तो वह खुद ही अपने आपको को मरम्मत करने की कोशिश करने लगता है।

लीवर को दूसरे कामों के साथ- साथ अपने आप को मरम्मत करना पड़ता  है, ऐसे में वह कमजोर और धीमा पड़ने लगता है। लीवर के धीमे पड़ने के वजह से शरीर का ब्लड प्रेसर बढ़ने लगता है। जिससे शरीर मे मौजूद तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है जो पैरों में सूजन पैदा करता है। इस तरह के सूजन को एडिमा कहा जाता है और इस तरह के सूजन में दर्द नही होता है।

6- आंखों, त्वचा और पेशाब के कलर में बदलाव आना (Change color in eye, skin and urine)-

वैसे तो जब आंखों और त्वचा का रंग पीला हो जाता है तो उसे पीलिया माना जाता है। आपको यह बता दे कि पीलिया खराब Liver की निशानी होती है। कमजोर लीवर शरीर मे Bilirubin की मात्रा को बढ़ा देता है।

Bilirubin हमारे शरीर मे पाए जाने वाला एक पीला पदार्थ होता है। खराब लीवर के चलते हमारे शरीर मे Bilirubin की मात्रा बढती है और यह हमारे आँखों और त्वचा में पीलापन पैदा करने लगती है। बढे हुए Bilirubin को कम करने के लिए हमारा शरीर उसे मल और पेशाब के जरिये बाहर निकलने की कोशिश करता है। जिसके वजह से पेशाब का रंग पीला हो जाता है।

7- एलर्जी (Allergy)-

ज्यादातर त्वचा पर होने वाली एलर्जी किसी संक्रमण या बैक्टेरिया की वजह से होता है। लेकिन कई बार त्वचा पर होने वाले लाल निशान , दाद खाज, खुजली के पीछे खराब लीवर भी हो सकता है।

जब लीवर में विषैले पदार्थों की मात्रा बढ़ती है तो इसका असर हमारे त्वचा पर भी पड़ने लगता है। हमारी त्वचा ज्यादा सेंसटिव हो जाती है और अलग अलग जगहों पर लाल दाने नजर आने लगते हैं जिनमे थोड़ी थोड़ी खुजली भी होती है। ज्यादातर इस तरह की एलर्जी हाथों और पैरों में होती है।

8- भूख कम लगना (Lac of appetite)-

ऐसी कई बीमारिया या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती हैं जिनमे हमे भूख लगना कम हो जाती है। लीवर का खराब होना उनमें से एक है। जब लीवर ठीक तरह से काम नही करता है तो इसका असर हमारे पाचन पर पड़ता है।

भोजन का ठीक से न पचने की वजह से धीरे धीरे भूख का कम लगाना शुरू हो जाती है। डाइट में कमी, बार- बार चक्कर आना या फिर खाने के बाद उल्टी जैसा महसूस होना, खराब लीवर के लक्षण माने जाते हैं।

9- उभरी हुई नसे और खून के थक्के (Bluging veins and bruising)-

ज्यादातर जब त्वचा पर खून के थक्के जमने लगते हैं या नीला पड़ जाता है तो यह चोट लगने की वजह से होता है। लेकिन जब यह बिना वजह शरीर पर नज़र आने लगे या हल्की फुल्की चोट से ही नीला पड़ना शुरू हो जाये तो यह लीवर के कमजोर होने का संकेत होता है। क्यों कि Liver (लीवर) में आई खराबी की वजह से यह हमारे नसों को कमजोर बनाता है जिसके वजह से हमारी त्वचा की नसें पहले से ज्यादा उभरी हुई नजर आने लगती है और त्वचा पर नीले निशान आसानी से बनने लगते हैं। ऐसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नही करना चाहिए।

10- ज्यादा पसीना आना (Excessive sweating)-

जिस तरह कार को लगतार चलाने से वह गर्म हो जाती है। वैसे ही कमजोर लीवर भी कम समय मे ज्यादा थकने लगता है। थकान के वजह से पूरे शरीर मे गर्मी बढती है। जो हमारे शरीर का तापमान भी बढ़ा देता है।

ज्यादा गर्मी के वजह से पसीना भी अधिक होने लगता है। जिन लोगों का लीवर ठीक से काम नही कर रहा होता है, उनके शरीर मे गर्मी दूसरे के मुकाबले ज्यादा होती है।

11- लीवर के आस-पास दर्द होना (Pain around liver area)-

यदि आपको अपने लीवर वाले एरिया के आस-पास दर्द होता है तो यह निशानी है कि आप के लीवर की सेहत ठीक नही है। एक अध्ययन से पता चला है कि हमारे लीवर में अलग अलग 50 तरीके की बीमारियां लग सकती हैं। कुछ बीमारियां लोगो को बचपन से ही होती है और कुछ हमारे खराब खानपान या शराब का ज्यादा मात्रा में सेवन की वजह से होती है।

अगर हमारा लीवर ठीक तरीके से काम नही कर रहा होता है तो इसके वजह से लीवर के आस-पास वाले हिस्से में हल्का दर्द होने लगता है और कई बार यह दर्द बहुत ज्यादा भी हो सकता है। लंबे समय से Liver (लीवर) में समस्या होने से उसमे सूजन भी आ जाती है।

 

Liver के खराब होने के कारण –

लीवर कुछ निम्नलिखित कारणों से खराब होता है जैसे-

1- अधिक शराब के सेवन से-

यदि कोई व्यक्ति अधिक शराब का सेवन करता है तो लीवर का कार्य बहुत अधिक बढ़ जाता है। यदि आप नियमित रुप से शराब का सेवन करते हैं तो आपका लीवर बड़ा हो जाता है। जिसे लीवर सिहररोसिस कहते हैं। अतः यदि आप शराब पीते हैं तो आज से ही पीना बंद कर दे। अन्यथा आपका लीवर खराब हो जाएगा।

2- मोटापा (Fatigue)

जब आप बहुत अधिक मोटे हो जाते है तो आपके शरीर मे बहुत अधिक चर्बी बढ़ जाती है। जिसके कारण आपके Liver (लीवर) के आस पास भी चर्बी बढ़ जाती है जो fatty liver disease को जन्म देती है। यदि बहुत अधिक लंबे समय तक वसा आपके लीवर के आस पास रहता है तो लीवर को फेल करने का कारण भी बनता है।

3- मधुमेह (Dibetes) –

जो लोग डियाबेटिस के शिकार हैं, उन्हें लीवर की बीमारी बढने का 50% खतरा बढ़ जाता है।

4- अधिक नमक का सेवन करना

नमक को एक निश्चित मात्रा से ज्यादा इस्तेमाल करना बहुत अधिक नुकसान देह होता है। यह आपके शरीर मे खून के प्रवाह को बढ़ाता है और बढे हुए ब्लड प्रेशर के चलते लीवर में तरल पदार्थ बढने लगती है। जिससे आपका लीवर बड़ा होने लगता है।

5- सिगरेट पीना (Smoking)-

वैसे तो सिगरेट सीधे तौर पर लीवर को प्रभावित नही करती है। लेकिन सिगरेट के ज्यादा इस्तेमाल से इसमें मौजूद हानिकारक पदार्थ शरीर के Oxidative system पर दबाव बनाती है। धीरे धीरे यह दबाव लीवर तक पहुंचने लगता है और लीवर के कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है। इस लिए सिगरेट पीना आपके लीवर के लिए भी नुकसान देह है।

6- दवाओं का अधिक सेवन-

अधिक दवाओं के सेवन से हमारा लीवर खराब होता है। जो लोग अधिक दर्द निवारक गोलियां, Anti dipressants drug , anti diabetic drugs, आदि इस्तेमाल करते हैं। उनका लीवर जल्दी खराब होता है।

7- Nutritional Suppliments का ज्यादा इस्तेमाल-

Nutritional suppliments के अधिक इस्तेमाल से भी हमारा लीवर जल्दी खराब होता है। जैसे Vitamin A का अधिक डोज Liver को खराब करने में अपना पुर्ण सहयोग करता है। इसीलिए यदि आप Nutritional suppliments का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो बंद कर दीजिए।

8- Chemotherapy

9- Hepetitis A , Hepetitis B, Hepetitis C के कारण भी हमारा लीवर खराब होता है।

Liver (लीवर) को स्वस्थ कैसे रखें-

कुछ घरेलू नुख्सों के द्वारा हम अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं। जो पूरी तरीके से प्राकृतिक है। इसके इस्तेमाल से लीवर में मौजूद सारी गंदगी को साफ हो जाएगी, और लीवर पहले जैसा स्वस्थ और मजबूत हो जाएगा।

लीवर हमारे शरीर मे एक केमिकल फैक्ट्री के जैसे काम करता है यानी कि आप जितना भी बाहर का जंक फूड, तला हुआ भोजन, शराब और अलग अलग केमिकल से बनी दवाइयां खाते हैं। उन सभी से होने वाले बुरे प्रभावों को हमारा लीवर शरीर से बाहर निकालने का काम करता है।

हम जब भी कुछ खाते है उनमें मौजूद पोषक तत्वों को हमारा लीवर शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुचाता है। ऐसे में देखा जाए तो शरीर मे होने वाले सभी कामो को सफलता पूर्वक करने के लिए लीवर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। यदि इसमें जरा सी भी खराबी आती है तो हमारे शरीर का पूरा सिस्टम खराब होने लगता है।

Liver (लीवर) में खराबी के चलते Hepetitis, Fatty liver, Liver cirrhosis, Alcoholic liver disease, Glibert’s syndrome और Liver cancer जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसीलिए लीवर में शुरुआती खराबी आने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। 80% लीवर के खराब होने के मामले में दवाइयों का कोई भी असर नही होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे लीवर को केमिकल बिल्कुल भी पसंद नही होता है। असल मे केवल प्राकृतिक चीजो का ही हमारे लीवर पर असर हो पाता है।

कुछ प्राकृतिक चीजो का इस्तेमाल करके अपने लीवर को स्वस्थ और मजबूत बना सकते हैं-

1- लौकी, धनियां, हल्दी, निम्बू, काला नमक, और गिलोय का रस-

गिलोय का रस लीवर से संबंधित बीमारी में बहुत लाभदायक होता है।

इस नुख्से को तैयार करने के लिए सबसे पहले लौकी को छीलकर थोड़े से धनिये के साथ पीसकर जूस बना ले। इसके बाद तैयार किये गए जूस में एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच काला नमक, एक चम्मच नींबू का रस और 30 ml गिलोय का जूस मिलाए। इस तरह से यह पीने के लिए तैयार हो जाएगी। इसको सुबह खाली पेट सेवन करें।

लीवर को विषैले पदार्थों से मुक्त करने के लिए हल्दी बहुत उपयोगी होती है। लौकी और धनिया हमारे लीवर को ठंडक पहुचने का काम करती हैं।

2- मूली के पत्ते –

मूली के पत्तो के इस्तेमाल से हमारे लीवर को बहुत फायदा मिलता है। अक्सर मूली खाते समय हम इसके पत्ते को फेक देते हैं। लेकिन जब लीवर में अशुद्धता बढ़ जाये तो यही पत्ते संजीवनी के जैसे काम करते हैं। मूली के पत्तो में Vitamin A, Vitamin B, और Vitamin C पाया जाता है। फाइबर की अधिकता होने से यह हमारे पाचन को अच्छा बनाता है और लीवर के कार्य क्षमता को भी बढ़ाता है। इसको इस्तेमाल करने के लिए मूली के पत्तो को धोकर इसका जूस बना लें। इसके असर को बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा सा चुकन्दर और अदरक भी मिलाया जा सकता है। रोजाना इस जूस का दिन में खाना खाने के बाद इस्तेमाल करें। इस जूस के इस्तेमाल से पीलिया, आंखों की कमजोरी, पाइल्स, बालो का झड़ना आदि को ठीक करता है। यदि आप इसे एक सप्ताह से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपके लीवर से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में काफी मदद मिलता है।

3- किसमिस का पानी-

किसमिस का पानी भी Liver (लीवर) के बीमारी में एक दवा के जैसे काम करता है। इस नुख्से को बनाने के लिए लगभग 500 ml पानी को गरम करके उसमें 150 gm किसमिस रात भर गलने के लिए रख दे। उसके बाद इस पानी को छानकर अलग कर ले और सुबह खाली पेट से लेकर पूरे दिन तक थोड़े थोड़े अन्तराल पर पिये। छानकर किसमिस का उपयोग सुबह के नाश्ते या शाम को सेवन कर सकते हैं। लगातार तीन दिन तक किसमिस के पानी का इस्तेमाल करने से लीवर की सारी गंदगी समाप्त हो जाती है और लीवर पहले जैसा स्वस्थ हो जाता है। किसमिस का पानी पेट से जुड़ी हर तरह की समस्या जैसी कब्ज, एसिडिटी, और गैस आदि के लिए भी बहुत उपयुक्त होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जिसके सेवन से शरीर का आलस दूर हो जाता है और दिन भर शरीर मे ऊर्जा बनी रहती है।

4- Wheat grass के इस्तेमाल से-

गेंहू के घास के इस्तेमाल से लीवर से संबंधित बीमारियां दूर हो जाती है। इसमें क्लोरोफिल की मात्रा बहुत अधिक होती है और साथ ही यह  एक शक्तिशाली एन्टी ऑक्सीडेंट है। जिसके इस्तेमाल से लीवर से जुड़ी हर तरह की बीमारी और लीवर की गंदगी पूरे तरह से साफ हो जाती है।

गेंहू के घास का जूस किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से मिल जाता है।

इस तरह के घरेलू नुख्सों के इस्तेमाल से आप अपने Liver (लीवर) को स्वस्थ रख सकते हैं।

Noteयह एक informatioal blog है। उम्मीद करता हूँ की आपको पसंद आया होगा।


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